हैदराबाद में दक्षिण क्षेत्र के सतर्कता अधिकारियों के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित
एनएमडीसी लिमिटेड और केंद्रीय सतर्कता आयोग ने 'मास्टर सर्कुलर्स और सतर्कता मैनुअल 2026' पर दक्षिण क्षेत्र के संगठनों के सतर्कता अधिकारियों के लिए एक प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया।

एनएमडीसी लिमिटेड के सतर्कता विभाग ने 17 सितंबर 2026 को हैदराबाद में केंद्रीय सतर्कता आयोग (सीवीसी) द्वारा आयोजित एक प्रशिक्षण कार्यक्रम की सह-मेजबानी की। यह कार्यक्रम दक्षिण क्षेत्र के संगठनों के सतर्कता अधिकारियों के लिए 'मास्टर सर्कुलर्स और सतर्कता मैनुअल 2026' विषय पर आधारित था।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि और सीबीआई के पूर्व विशेष निदेशक श्री प्रवीण कुमार सिन्हा ने वर्चुअल माध्यम से प्रतिभागियों को संबोधित किया। उन्होंने सीवीसी द्वारा जारी मास्टर परिपत्रों के महत्व और सतर्कता मैनुअल में संशोधन की आवश्यकता पर जोर दिया। श्री सिन्हा ने संवेदनशील पदों पर तैनात कर्मियों के रोटेशन को एक महत्वपूर्ण निवारक सतर्कता उपाय बताते हुए इसकी आवश्यकता पर प्रकाश डाला।
इस अवसर पर सीवीसी के सलाहकार श्री राजीव वर्मा, निदेशक श्री अजय कुमार वर्मा और ओएसडी श्री अरविंद कुमार उपस्थित रहे। साथ ही मिधानी और बीडीएल की सीवीओ सुश्री स्पूर्ति रेड्डी, ईसीआईएल के सीवीओ श्री पी. कृष्ण कुमार और एनएमडीसी लिमिटेड के सीवीओ श्री सी. नीलकंठ रेड्डी ने भी कार्यक्रम में शिरकत की।
सीवीसी के वक्ताओं ने सतर्कता मैनुअल 2026 में समय-समय पर किए गए प्रमुख परिवर्तनों और सतर्कता प्रशासन के लिए उनके महत्व की जानकारी दी। उन्होंने हाल ही में जारी मास्टर सर्कुलर्स के महत्वपूर्ण प्रावधानों और उनकी व्यावहारिक प्रासंगिकता पर विस्तार से चर्चा की। कार्यक्रम के सत्र संवादात्मक रहे, जिनमें विशेषज्ञों ने प्रतिभागियों के प्रश्नों और संदेहों का समाधान किया।
इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में दक्षिण क्षेत्र के लगभग 75 सतर्कता अधिकारियों और विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। एनएमडीसी के सीवीओ ने सतर्कता कार्यों में इन मैनुअल और परिपत्रों के प्रावधानों की पूरी समझ और उनके प्रभावी कार्यान्वयन की आवश्यकता पर बल दिया।
यह कार्यक्रम सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों (पीएसयू) में पारदर्शिता, सत्यनिष्ठा और प्रभावी सतर्कता प्रशासन के प्रति प्रतिबद्धता को मजबूत करने के साथ-साथ क्षमता निर्माण के लिए एक महत्वपूर्ण मंच साबित हुआ। कार्यक्रम का समापन राष्ट्रगान और राष्ट्रीय गीत के साथ हुआ।



