सांख्यिकी एवं कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय शुरू करेगा विशेष अभियान 6.0; ई-कचरे के निपटान पर रहेगा मुख्य जोर
सांख्यिकी एवं कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय 2 से 31 अक्टूबर 2026 तक विशेष अभियान 6.0 आयोजित करेगा, जिसमें क्षेत्रीय कार्यालयों में ई-कचरे के प्रभावी संग्रहण और निपटान पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा।

भारत सरकार के सांख्यिकी एवं कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय (MoSPI) ने लंबित मामलों के निपटारे के लिए 'विशेष अभियान 6.0' की तैयारी पूरी कर ली है। यह अभियान 2 अक्टूबर से 31 अक्टूबर 2026 तक चलाया जाएगा। इस आगामी चरण का मुख्य केंद्र क्षेत्रीय कार्यालयों में ई-कचरे के प्रभावी संग्रहण, पृथक्करण और निपटान करना होगा।
इस अभियान को दो चरणों में विभाजित किया गया है। पहला 'तैयारी चरण' 15 से 30 सितंबर 2026 तक चलेगा और दूसरा 'कार्यान्वयन चरण' 2 से 31 अक्टूबर 2026 तक आयोजित होगा। इन चरणों के दौरान स्वच्छता को संस्थागत बनाने और कार्यालयों में लंबित मामलों की पहचान करने पर जोर दिया जाएगा। इसके अंतर्गत प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO), वीआईपी, राज्य सरकारों और संसद से प्राप्त लंबित संदर्भों की पहचान की जाएगी। साथ ही, पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय (MoEFCC) के दिशानिर्देशों के अनुसार ई-कचरे के प्रबंधन और अभिलेख प्रबंधन विधियों को मजबूत करने का लक्ष्य रखा गया है।
मंत्रालय ने नवंबर 2025 से अगस्त 2026 के बीच चलाए गए पिछले विशेष अभियान (SCDPM) की उपलब्धियों का विवरण भी साझा किया है। एससीडीपीएम पोर्टल के माध्यम से की गई मासिक निगरानी के परिणामस्वरूप निम्नलिखित परिणाम प्राप्त हुए:
- कुल 5617 भौतिक और ई-फाइलों की समीक्षा की गई। - 4680 ई-फाइलों को बंद किया गया और 467 भौतिक फाइलों की छंटाई की गई। - देश भर में 61 स्वच्छता अभियान चलाए गए। - 426 सार्वजनिक शिकायतों और 65 सार्वजनिक शिकायतों एवं अपीलों का निपटारा किया गया। - स्क्रैप निपटान के माध्यम से 34,105 रुपए की राशि प्राप्त हुई।
इसके अतिरिक्त, मंत्रालय ने संसदीय आश्वासनों, राज्य सरकार के संदर्भों और प्रधानमंत्री कार्यालय के संदर्भों के निपटारे पर विशेष ध्यान दिया है। MoSPI अपने सभी संबद्ध कार्यालयों, अधीनस्थ कार्यालयों और स्वायत्त निकायों के साथ मिलकर विशेष अभियान 6.0 को सफलतापूर्वक लागू करने के लिए प्रतिबद्ध है।


