नॉर्दर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड ने कोयला मंत्रालय के 'विशेष अभियान 6.0' का शुभारंभ किया
एनसीएल ने स्वच्छता, ई-वेस्ट प्रबंधन और रिकॉर्ड सुधार के लिए विशेष अभियान 6.0 शुरू किया है, जिसके तहत 1 लाख वर्ग फुट क्षेत्र की सफाई और 3,500 मीट्रिक टन स्क्रैप निपटान का लक्ष्य रखा गया है।

कोल इंडिया की सिंगरौली स्थित सहायक कंपनी नॉर्दर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (एनसीएल) ने कोयला मंत्रालय के निर्देशों के अनुसार 'विशेष अभियान 6.0' के प्रारंभिक चरण की शुरुआत की है। यह प्रारंभिक चरण 15 सितंबर से 30 सितंबर, 2026 तक चलेगा, जिसके बाद कार्यान्वयन चरण 2 अक्टूबर से 31 अक्टूबर, 2026 तक आयोजित किया जाएगा।
इस अभियान का मुख्य उद्देश्य ई-वेस्ट का प्रभावी प्रबंधन, स्वच्छता, कार्यालय परिसरों का सुधार, रिकॉर्ड प्रबंधन, स्क्रैप का निपटान और अनुपयोगी स्थलों का सही उपयोग सुनिश्चित करना है। अभियान के तहत एनसीएल ने 90 चिह्नित स्थलों की सफाई करने और कुल 1,00,000 वर्ग फुट क्षेत्र को कवर करने का लक्ष्य निर्धारित किया है। इसके साथ ही लगभग 3,500 मीट्रिक टन स्क्रैप के निपटान का लक्ष्य रखा गया है। कार्यकुशलता और स्थान के बेहतर उपयोग के लिए 400 फिजिकल फाइलों और 9,000 ई-फाइलों की समीक्षा की जाएगी।
अभियान के प्रभावी संचालन के लिए एनसीएल ने अपनी सभी इकाइयों और क्षेत्रों में नोडल टीमों की नियुक्ति की है। इसके अंतर्गत 'अडॉप्ट-ए-स्पॉट' पहल अपनाई जाएगी, जिसमें स्वच्छता टीमें विशिष्ट स्थानों की नियमित सफाई और रखरखाव की जिम्मेदारी लेंगी। साथ ही, आवश्यकतानुसार इन क्षेत्रों में पौधारोपण और सौंदर्यीकरण कार्य भी किए जाएंगे।
रिकॉर्ड प्रबंधन को आधुनिक बनाने के लिए पुराने फिजिकल रिकॉर्ड का डिजिटलीकरण और स्कैनिंग की जा रही है। ई-वेस्ट, इलेक्ट्रॉनिक स्क्रैप और प्लास्टिक अपशिष्ट का व्यवस्थित संग्रह और सुरक्षित निपटान किया जाएगा। कंपनी 'वेस्ट टू वेल्थ' की अवधारणा पर काम करते हुए अपशिष्ट सामग्रियों के पुन: उपयोग को बढ़ावा देगी। इसके अलावा, लंबित शिकायतों और संदर्भों के समयबद्ध निपटान के लिए कार्यालयों में 5S/3S आधारित गतिविधियों को प्रोत्साहित किया जाएगा।
जन-जागरूकता बढ़ाने के लिए 'स्वच्छ विद्यालय अभियान', वॉकथॉन, श्रमदान, नुक्कड़ नाटक, रैलियां, वॉल पेंटिंग और विभिन्न प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जाएगा।
उल्लेखनीय है कि पिछले 'विशेष अभियान 5.0' के दौरान एनसीएल ने निर्धारित लक्ष्यों से अधिक उपलब्धि हासिल की थी। उस समय 75 के लक्ष्य के मुकाबले 91 स्थलों की सफाई की गई और 85,000 वर्ग फुट के लक्ष्य के विपरीत 1,00,400 वर्ग फुट क्षेत्र में स्वच्छता अभियान चलाया गया। साथ ही, 2,500 मीट्रिक टन के लक्ष्य के मुकाबले 3,459 मीट्रिक टन स्क्रैप का निपटान कर 16,55,14,888 रुपये का राजस्व अर्जित किया गया। रिकॉर्ड प्रबंधन के तहत 350 के लक्ष्य के मुकाबले 371 फाइलों की समीक्षा कर 180 अनावश्यक फाइलों को हटाया गया और 9,000 के लक्ष्य के विरुद्ध 9,800 ई-फाइलों की समीक्षा कर 5,500 ई-फाइलों को बंद किया गया।



