एनएसटीआई बेंगलुरु में 'स्किल्स4फ्यूचर' ईवी और ग्रीन स्किल्स लैब का उद्घाटन, युवाओं को मिलेगा आधुनिक प्रशिक्षण
कौशल विकास और उद्यमशीलता मंत्रालय की सचिव सुश्री देबश्री मुखर्जी ने बेंगलुरु में ईवी और ग्रीन स्किल्स लैब का उद्घाटन किया, जिसका उद्देश्य युवाओं को इलेक्ट्रिक वाहन और ग्रीन टेक्नोलॉजी में कुशल बनाना है।

भारत के ग्रीन स्किलिंग इकोसिस्टम को मजबूत करने के उद्देश्य से, कौशल विकास और उद्यमशीलता मंत्रालय (MSDE) की सचिव आईएएस सुश्री देबश्री मुखर्जी ने राष्ट्रीय कौशल प्रशिक्षण संस्थान (NSTI), बेंगलुरु में 'स्किल्स4फ्यूचर' ईवी और ग्रीन स्किल्स लैब का उद्घाटन किया। यह लैब शेल इंडिया, महानिदेशालय प्रशिक्षण (DGT), कौशल विकास और उद्यमशीलता मंत्रालय (MSDE) और एडुनेट फाउंडेशन की एक सहयोगात्मक पहल है।
इस लैब का मुख्य उद्देश्य युवाओं को इलेक्ट्रिक वाहनों (EV) और ग्रीन टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में भविष्य की जरूरतों के अनुसार कौशल प्रदान करना है। उद्घाटन के दौरान सचिव ने छात्रों, प्रशिक्षकों और उद्योग प्रतिनिधियों से चर्चा की और ईवी तकनीक पर आधारित इंफ्रास्ट्रक्चर एवं व्यावहारिक शिक्षण मॉड्यूल का अवलोकन किया। यह सुविधा शिक्षार्थियों को इलेक्ट्रिक वाहन प्रणालियों, बैटरी प्रौद्योगिकियों, डायग्नोस्टिक्स, सुरक्षा मानकों और अन्य उभरती हुई ग्रीन टेक्नोलॉजी का व्यावहारिक अनुभव प्रदान करने के लिए डिजाइन की गई है, ताकि सस्टेनेबल मोबिलिटी और स्वच्छ ऊर्जा के क्षेत्रों में उनकी रोजगार क्षमता बढ़ सके।
इस अवसर पर आईएएस सुश्री देबश्री मुखर्जी ने कहा कि भविष्य की नौकरियों के लिए कार्यबल तैयार करने में उद्योग और सरकार का सहयोग अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने जोर दिया कि 'स्किल्स4फ्यूचर' जैसे कार्यक्रम युवाओं को ग्रीन मोबिलिटी, नवीकरणीय ऊर्जा और सतत तकनीकों में उपलब्ध अवसरों के लिए तैयार कर भारत के समावेशी और सतत आर्थिक विकास के विजन का समर्थन करते हैं।
स्किल्स4फ्यूचर कार्यक्रम के अब तक के परिणामों की जानकारी देते हुए बताया गया कि यह पहल पांच राज्यों के 290 से अधिक संस्थानों तक पहुंच चुकी है। इसके माध्यम से 70,000 से अधिक शिक्षार्थियों को प्रशिक्षित किया गया है, 258 से अधिक संकाय सदस्यों के कौशल में वृद्धि की गई है और 20 ग्रीन स्किल्स ईवी लैब स्थापित की जा चुकी हैं। अकेले कर्नाटक राज्य में, इस कार्यक्रम ने 101 औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों (ITI) को प्रभावित किया है और 9,113 छात्रों को प्रशिक्षित किया है।
यह पहल भारत सरकार के उस दृष्टिकोण का हिस्सा है जिसके तहत देश को ग्रीन मोबिलिटी और सस्टेनेबल डेवलपमेंट की ओर ले जाने के लिए एक कुशल कार्यबल तैयार किया जा रहा है। इसमें उद्योग-प्रासंगिक पाठ्यक्रम और प्रैक्टिकल लर्निंग इंफ्रास्ट्रक्चर को एकीकृत कर स्किल गैप को कम करने का प्रयास किया जा रहा है।

