व्यय विभाग ने 'विशेष अभियान 6.0' के लिए कसी कमर, प्रशासनिक दक्षता और स्वच्छता पर रहेगा जोर
वित्त मंत्रालय का व्यय विभाग स्वच्छता को संस्थागत बनाने और लंबित मामलों के निपटान के लिए विशेष अभियान 6.0 शुरू करने जा रहा है।

वित्त मंत्रालय का व्यय विभाग स्वच्छता को संस्थागत बनाने और लंबित मामलों के निपटान के उद्देश्य से 'विशेष अभियान 6.0' को लागू करने के लिए पूरी तरह तैयार है। इस अभियान के लिए सभी संबंधित विभागों और प्रशासनिक नियंत्रण संगठनों को आवश्यक निर्देश जारी कर दिए गए हैं।
यह अभियान दो संरचित चरणों में चलाया जाएगा। पहला 'तैयारी चरण' 15 से 30 सितंबर, 2026 तक चलेगा और दूसरा 'कार्यान्वयन चरण' 2 से 31 अक्टूबर, 2026 तक आयोजित किया जाएगा। तैयारी के चरण के दौरान विभाग के सभी खंडों और उसके प्रशासनिक नियंत्रण वाले संगठनों को स्वच्छता, जगह के प्रबंधन, कचरे के निपटान, रिकॉर्ड प्रबंधन और लंबित मामलों के निपटान से जुड़े लक्ष्य निर्धारित करने के लिए जागरूक किया गया है। इस सुनियोजित दृष्टिकोण का उद्देश्य कार्यान्वयन चरण में व्यवस्थित और परिणाम आधारित कार्रवाई सुनिश्चित करना है।
इस अभियान के दायरे में महालेखा नियंत्रक, मुख्य सलाहकार लागत, केंद्रीय पेंशन लेखा कार्यालय और अरुण जेटली राष्ट्रीय वित्तीय प्रबंधन संस्थान जैसे संगठन शामिल हैं।
उल्लेखनीय है कि व्यय विभाग और उससे जुड़े संगठनों ने 2 से 31 अक्टूबर, 2025 तक चले 'विशेष अभियान 5.0' में सक्रिय भागीदारी की थी, जिससे लंबित मामलों में कमी आई और स्वच्छता की संस्कृति को बढ़ावा मिला। अभियान की यह प्रगति उसके समाप्त होने के बाद भी जारी रही। दिसंबर 2025 से अगस्त 2026 की अवधि के बीच विभाग ने लंबित मामलों के निपटान में महत्वपूर्ण प्रगति की है, जिसके विवरण निम्नानुसार हैं:
- एमपी संदर्भ: 57 - अंतर-मंत्रालयी संदर्भों पर टिप्पणियां (कैबिनेट नोट): 339 - राज्य सरकार संदर्भ: 1123 - जन शिकायतें: 2788 - जन शिकायत अपीलें: 141
व्यय विभाग ने विशेष अभियान 6.0 के सफल कार्यान्वयन के प्रति अपनी प्रतिबद्धता जताई है, जिसका मुख्य लक्ष्य सभी स्तरों पर प्रशासनिक दक्षता और स्वच्छता को और अधिक बढ़ाना है।


