पीएम विश्वकर्मा योजना के तीन साल पूरे: 30 लाख कारीगरों का हुआ पंजीकरण, 24.50 लाख को मिला कौशल प्रशिक्षण
प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना की तीसरी वर्षगांठ पर कोलकाता में आयोजित समारोह में योजना की उपलब्धियों को साझा किया गया, जिसमें 30 लाख लाभार्थियों के पंजीकरण की जानकारी दी गई।

केंद्रीय सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्रालय (एमएसएमई) ने कोलकाता के धन-धान्य सभागार में प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना की तीसरी वर्षगांठ का आयोजन किया। इस अवसर पर पारंपरिक कारीगरों और शिल्पकारों की आजीविका, कौशल और उद्यमशीलता क्षमताओं को सशक्त बनाने के लिए सरकार द्वारा किए जा रहे प्रयासों पर चर्चा की गई।
केंद्रीय सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्री जीतन राम मांझी ने बताया कि 17 सितंबर 2023 को शुरू की गई इस योजना के तहत अब तक 30 लाख लाभार्थी पंजीकृत हो चुके हैं। इनमें से लगभग 24.50 लाख लोगों को बुनियादी कौशल प्रशिक्षण प्रदान किया गया है। योजना के तहत इंडिया पोस्ट के माध्यम से 18.15 लाख आधुनिक उपकरण वितरित किए जा चुके हैं। साथ ही, 6.18 लाख लाभार्थियों को 5 प्रतिशत प्रति वर्ष की रियायती ब्याज दर पर 1 लाख रुपए तक का ऋण दिया गया है, जिसकी कुल राशि 5,297 करोड़ रुपए है।
पश्चिम बंगाल सरकार ने मई 2026 में इस योजना को लागू करने का निर्णय लिया। राज्य के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए बताया कि पश्चिम बंगाल में इस योजना के तहत 7 लाख से अधिक आवेदन प्राप्त हुए हैं। उन्होंने केंद्र सरकार के सहयोग से राज्य में योजना के समयबद्ध और प्रभावी कार्यान्वयन का आश्वासन दिया और संबंधित एजेंसियों से पात्र कारीगरों तक लाभ पहुँचाने का आह्वान किया।
केंद्रीय एमएसएमई राज्य मंत्री शोभा करंदलाजे ने महिला उद्यमियों के सशक्तिकरण पर जोर देते हुए कहा कि यह समृद्ध भारत के निर्माण की कुंजी है। उन्होंने लाभार्थियों को इस योजना के अवसरों का लाभ उठाकर सफल उद्यमी बनने के लिए प्रोत्साहित किया। पश्चिम बंगाल के एमएसएमई एवं वस्त्र मंत्री दीपक बर्मन ने इस पहल को पारंपरिक कारीगरों के लिए परिवर्तनकारी बताया, जो उन्हें स्थायी आजीविका की ओर अग्रसर कर रही है।
समारोह के दौरान केंद्रीय एमएसएमई मंत्रालय के सचिव भरत खेरा और अपर सचिव एवं विकास आयुक्त डॉ. रजनीश ने योजना की उपलब्धियों और भविष्य की रूपरेखा प्रस्तुत की। इस अवसर पर पश्चिम बंगाल के कारीगरों को पीएम विश्वकर्मा आईडी/प्रमाणपत्र, टूलकिट और एक-एक लाख रुपए के चेक वितरित किए गए। कार्यक्रम में राज्य सरकार के मुख्य सचिव मनोज कुमार अग्रवाल और अतिरिक्त मुख्य सचिव अनूप कुमार अग्रवाल सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी और 2000 से अधिक विश्वकर्मा शामिल हुए।



