देशभर में 'स्वच्छता ही सेवा 2026' अभियान का शुभारंभ, वृक्षारोपण के साथ हुई शुरुआत
आवासन और शहरी कार्य मंत्रालय तथा जल शक्ति मंत्रालय ने नई दिल्ली में वृक्षारोपण अभियान के साथ 'स्वच्छता ही सेवा 2026' का राष्ट्रव्यापी शुभारंभ किया है।

आवासन और शहरी कार्य मंत्रालय (MoHUA) और पेयजल और स्वच्छता विभाग (DDWS) ने संयुक्त रूप से नई दिल्ली के इंडिया गेट स्थित चिल्ड्रन्स पार्क में 'स्वच्छता ही सेवा (SHS) 2026' का शुभारंभ किया। इस राष्ट्रव्यापी अभियान की शुरुआत 'एक पेड़ मां के नाम' पहल के तहत आयोजित वृक्षारोपण अभियान के साथ की गई। यह कार्यक्रम नई दिल्ली नगरपालिका परिषद (NDMC) के सहयोग से आयोजित किया गया था।
इस अवसर पर जल शक्ति मंत्रालय के पेयजल एवं स्वच्छता विभाग के सचिव श्री अशोक के. के. मीणा, आवासन एवं शहरी कार्य मंत्रालय के नगर विकास विभाग के सचिव श्री सत्येंद्र सिंह और राजधानी विकास विभाग की सचिव श्रीमती डी. थारा सहित दोनों मंत्रालयों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
'स्वच्छता में सहभाग; स्वच्छ भारत, विकसित भारत' विषय पर आधारित इस अभियान का उद्देश्य स्वच्छता के प्रति स्वैच्छिक भागीदारी और सामूहिक कार्रवाई को मजबूत करना है। अभियान के तहत इस बात पर जोर दिया गया है कि स्वच्छ और विकसित भारत का लक्ष्य संपूर्ण सरकार और संपूर्ण समाज के दृष्टिकोण से ही प्राप्त किया जा सकता है।
स्वच्छता ही सेवा 2026 के मुख्य स्तंभ निम्नलिखित हैं:
1. स्वच्छता लक्षित इकाइयों (CTU) और सार्वजनिक स्थलों का कायाकल्प: इसमें CTU की समयबद्ध सफाई और सार्वजनिक स्थलों के सौंदर्यीकरण पर ध्यान दिया जाएगा। 2. स्वच्छ पाठशाला - स्वच्छता के लिए युवा: छात्रों और युवाओं के लिए 'स्वच्छता ज्ञान यात्राओं', 'स्वच्छता एवं जल संचय संवाद', प्रतियोगिताओं और अपशिष्ट प्रबंधन संपत्तियों के शैक्षणिक भ्रमण का आयोजन होगा। 3. सफ़ाईमित्र सुरक्षा एवं सम्मान शिविर: सफ़ाईकर्मियों के लिए निवारक स्वास्थ्य जांच शिविर, सामाजिक सुरक्षा योजनाओं का लाभ पहुंचाना और उनका सम्मान करना शामिल है। 4. जन भागीदारी: ठोस अपशिष्ट प्रबंधन (SWM) नियम 2026, कचरे को 4 तरीकों से अलग करने के प्रति जागरूकता, आरआरआर (Reduce, Reuse, Recycle) रीसायकलर्स मीट, 'स्पोर्ट्स फॉर स्वच्छता', स्वच्छ एवं हरित पर्व, विश्व पर्यटन दिवस और 'एक पेड़ मां के नाम' पर विशेष गतिविधियां संचालित की जाएंगी। 5. स्वच्छता से समृद्धि: परिपत्र अर्थव्यवस्था (Circular Economy), 'अपशिष्ट से संपदा' (Waste-to-Wealth) और 'अपशिष्ट से कला' (Waste-to-Art) पहलों पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।
अभियान के हिस्से के रूप में 2 अक्टूबर को ग्रामीण क्षेत्रों में विशेष ग्राम सभाएं और शहरी क्षेत्रों में विशेष परिषद बैठकें आयोजित की जाएंगी। ग्राम सभाओं में 'स्वच्छता ही सेवा 2026' के परिणामों, ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम 2026, कचरा पृथक्करण, 'स्वच्छ सेवा आकलन' और ओडीएफ प्लस (मॉडल) स्थिति के मूल्यांकन पर चर्चा की जाएगी।



