सेमीकॉन 2.0: भारत के सेमीकंडक्टर इकोसिस्टम में ₹1 लाख करोड़ के निवेश और 1 लाख नौकरियों की संभावना
केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने सेमीकॉन 2.0 के विजन को साझा किया, जिसका लक्ष्य डिजाइन, मैन्युफैक्चरिंग और प्रतिभा विकास के माध्यम से भारत को ग्लोबल सेमीकंडक्टर वैल्यू चेन में मजबूत करना है।

केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिकी एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री श्री अश्विनी वैष्णव ने 'सेमीकॉन इंडिया 2026' के दौरान सेमीकॉन 2.0 के कार्यान्वयन दृष्टिकोण और निवेश की गति की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि जहाँ सेमीकॉन 1.0 का उद्देश्य भारत के सेमीकंडक्टर उद्योग की नींव रखना था, वहीं सेमीकॉन 2.0 का लक्ष्य संपूर्ण इकोसिस्टम को स्थापित करना और वैल्यू चेन में क्षमताओं का विस्तार करना है।
श्री वैष्णव के अनुसार, सेमीकॉन 2.0 के तहत लगभग ₹1 लाख करोड़ (करीब 11-12 बिलियन अमेरिकी डॉलर) की निवेश प्रतिबद्धताएं प्राप्त हो चुकी हैं। उम्मीद है कि अगले दो से तीन वर्षों में यह निवेश धरातल पर उतरेगा, जिससे आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा और लगभग 1 लाख नए रोजगार के अवसर सृजित होंगे।
सेमीकंडक्टर क्षमताओं को मजबूत करने के लिए सरकार ने छह प्रमुख स्तंभ निर्धारित किए हैं:
1. डिजाइन इकोसिस्टम: इसका लक्ष्य 200 सेमीकंडक्टर डिजाइन स्टार्ट-अप्स को सहायता प्रदान करना है। पहले चरण के 105 स्टार्ट-अप्स में से 20 ने वेंचर कैपिटल फंडिंग प्राप्त कर ली है। 2. मशीनें और सामग्रियां: इसमें सेमीकंडक्टर मैन्युफैक्चरिंग इक्विपमेंट और मटीरियल के लिए घरेलू इकोसिस्टम को मजबूत करना शामिल है, ताकि वैश्विक कंपनियों को भारत में डिजाइन और मैन्युफैक्चरिंग ऑपरेशन स्थापित करने के लिए आकर्षित किया जा सके। 3. फैब्स: डिस्प्ले, मेमोरी, सिलिकॉन, कंपाउंड और लॉजिक फैब्स सहित विभिन्न तकनीकों में निर्माण क्षमताओं का विस्तार करना। 4. एडवांस्ड पैकेजिंग: सिस्टम-लेवल परफॉर्मेंस और दक्षता बढ़ाने के लिए एडवांस्ड पैकेजिंग क्षमताओं का विकास करना। 5. अनुसंधान और विकास (R&D): उद्योग, सरकार और शैक्षणिक संस्थानों की भागीदारी से व्यावहारिक तकनीकों के विकास के लिए एप्लाइड R&D को बढ़ावा देना। 6. प्रतिभा विकास: सरकार ने पांच वर्षों में 1 लाख तकनीशियनों को प्रशिक्षित करने का लक्ष्य रखा है। इसके लिए ताइवान के ITRI जैसे अंतरराष्ट्रीय संस्थानों और उद्योग जगत के साथ साझेदारी की जाएगी। वर्तमान में लगभग 400 विश्वविद्यालय चिप-डिजाइन शिक्षा से जुड़े हैं।
सेमीकॉन इंडिया 2026 के दौरान 11 समझौता ज्ञापनों (MoUs) पर हस्ताक्षर किए गए और 5 प्रमुख घोषणाएं की गईं। महत्वपूर्ण समझौतों में टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स के साथ नेक्सपेरिया बी.वी., फुजीफिल्म कॉर्पोरेशन और BESI Singapore जैसे वैश्विक दिग्गजों के साथ सहयोग शामिल है। इसके अलावा, धोलेरा (गुजरात) में 363 एकड़ के वेंडर पार्क का विकास और छह 'चिप-इन' (ChipIN) रीजनल सेंटर्स की घोषणा की गई।
नई दिल्ली के यशोभूमि में 19 सितंबर तक आयोजित हो रहे इस कार्यक्रम में 52 देशों के प्रतिनिधियों और 600 से अधिक कंपनियों के भाग लेने की उम्मीद है।


