विद्युत मंत्रालय ने 'विशेष अभियान-6' की शुरुआत की, ई-अपशिष्ट निपटान और लंबित मामलों के समाधान पर रहेगा जोर
विद्युत मंत्रालय ने सरकारी कार्यालयों में स्वच्छता को संस्थागत बनाने और लंबित मामलों को न्यूनतम करने के लिए 'विशेष अभियान-6' शुरू किया है।

सरकारी कार्यालयों में स्वच्छता को बढ़ावा देने और लंबित मामलों की संख्या को कम करने के सरकारी प्रयास के तहत, विद्युत मंत्रालय (MoP) ने 'विशेष अभियान-6' का शुभारंभ किया है। मंत्रालय वर्ष 2021 से अपने अधीनस्थ कार्यालयों, संबद्ध कार्यालयों, स्वायत्त निकायों और केंद्रीय सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों (CPSUs) के साथ ऐसे विशेष अभियानों में सक्रिय रूप से शामिल है।
इस वर्ष के अभियान में ई-अपशिष्ट (प्रबंधन) नियम, 2022 के दिशा-निर्देशों का कड़ाई से पालन करते हुए ई-अपशिष्ट के प्रभावी संग्रहण, पृथक्करण और निपटान पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। स्वच्छता के साथ-साथ, इस अभियान के माध्यम से सांसदों, राज्य सरकारों, पीएमओ से प्राप्त संदर्भों, अंतर-मंत्रालयी पत्राचार, संसदीय आश्वासनों, जन शिकायतों और जन शिकायत अपीलों (CPGRAMS) से संबंधित लंबित मामलों का समयबद्ध निपटान सुनिश्चित किया जाएगा।
अभियान का तैयारी चरण 15 सितंबर, 2026 से शुरू हो चुका है, जो 30 सितंबर, 2026 तक चलेगा। इस दौरान लंबित मामलों की पहचान, कर्मियों की सक्रियता, स्वच्छता स्थलों का चयन, अभिलेखों की समीक्षा, स्थान प्रबंधन की योजना और कबाड़ सामग्री की पहचान जैसे कार्य किए जाएंगे। मंत्रालय के सीपीएसयू और अन्य संगठनों में नोडल अधिकारियों की नियुक्ति पहले ही की जा चुकी है।
'विशेष अभियान 6' का कार्यान्वयन चरण 2 अक्टूबर से 31 अक्टूबर, 2026 तक संचालित होगा, जिसमें तैयारी चरण में निर्धारित लक्ष्यों को पूरा करने का प्रयास किया जाएगा।
इस अभियान की तैयारियों की समीक्षा के लिए 16 सितंबर, 2026 को विद्युत सचिव ने एक बैठक की अध्यक्षता की, जिसमें मंत्रालय और सीपीएसई के वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए। विद्युत सचिव ने वर्ष 2021 से किए जा रहे प्रयासों की सराहना की और सभी संबंधितों से आग्रह किया कि वे स्वच्छता को संस्थागत बनाने और लंबित मामलों को न्यूनतम करने के लिए नए मानदंड स्थापित करें। उन्होंने उम्मीद जताई कि यह पहल कार्यस्थल के वातावरण, कार्य संस्कृति और कर्मियों के मनोबल को बेहतर बनाने में योगदान देगी।



