विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग 'विशेष अभियान 6.0' के लिए तैयार, 5.0 के तहत हासिल कीं महत्वपूर्ण उपलब्धियां
विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग (DST) 2 अक्टूबर 2026 से विशेष अभियान 6.0 शुरू करने जा रहा है। विभाग ने अभियान 5.0 के विस्तारित कार्यान्वयन के दौरान हजारों फाइलों और जन शिकायतों का निपटारा किया है।

विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्रालय के तहत विज्ञान प्रौद्योगिकी विभाग (DST) ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के स्वच्छता और लोक प्रशासन में दक्षता बढ़ाने के दृष्टिकोण के अनुरूप विशेष अभियान 5.0 के कार्यान्वयन में महत्वपूर्ण सफलता हासिल की है। विभाग ने अपने स्वायत्त संस्थानों, अधीनस्थ कार्यालयों और क्षेत्रीय इकाइयों के साथ मिलकर नवंबर 2025 से अगस्त 2026 तक की विस्तारित अवधि के दौरान लंबित मामलों के निपटान, प्रभावी अभिलेख प्रबंधन और शिकायत निवारण पर विशेष ध्यान दिया है।
विशेष अभियान 5.0 के दौरान विभाग द्वारा प्राप्त की गई मुख्य उपलब्धियां इस प्रकार हैं: - कुल 1,426 जन शिकायतों और 201 जन शिकायत अपीलों का निपटारा किया गया। - 35 वीआईपी संदर्भों और 17 अंतर-मंत्रालयी परामर्शों का समाधान किया गया। - कुल 7,099 फाइलों का निपटारा हुआ, जिसमें 5,455 भौतिक फाइलें और 1,644 ई-फाइलें शामिल हैं। - स्वच्छता को बढ़ावा देने के लिए 324 स्वच्छता अभियानों का संचालन किया गया। - व्यवस्थित अभिलेख प्रबंधन और अनुपयोगी सामग्रियों के निपटारे के माध्यम से 51,989 वर्ग फुट कार्यालय स्थान को मुक्त किया गया। - कचरे और अनुपयोगी सामग्रियों के वैज्ञानिक निपटारे के जरिए 19,20,173 रुपए का राजस्व प्राप्त हुआ।
इन सफलताओं के आधार पर, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग अब 'विशेष अभियान 6.0' के लिए पूरी तरह तैयार है। यह अभियान 2 अक्टूबर 2026 से 31 अक्टूबर 2026 तक चलाया जाएगा। विभाग का उद्देश्य अपने सभी संगठनों में स्वच्छता को बढ़ावा देना, लंबित मामलों की संख्या कम करना, कार्यस्थल की कार्यकुशलता में सुधार लाना और जवाबदेह शासन को और अधिक मजबूत करना है।


