केंद्रीय मंत्री एच.डी. कुमारस्वामी ने ईवी लाभार्थियों और वितरकों के साथ की चर्चा, आत्मनिर्भर इलेक्ट्रिक मोबिलिटी पर दिया जोर
केंद्रीय भारी उद्योग एवं इस्पात मंत्री एच.डी. कुमारस्वामी ने नई दिल्ली में इलेक्ट्रिक वाहन लाभार्थियों और वितरकों के साथ बातचीत कर देश में टिकाऊ और आत्मनिर्भर परिवहन इकोसिस्टम बनाने पर चर्चा की।

केंद्रीय भारी उद्योग एवं इस्पात मंत्री श्री एच.डी. कुमारस्वामी ने नई दिल्ली के विज्ञान भवन में देशभर के इलेक्ट्रिक वाहनों (ईवी) के लाभार्थियों और वितरकों के साथ एक संवाद कार्यक्रम में भाग लिया। भारी उद्योग मंत्रालय (MHI) द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम का उद्देश्य ईवी लाभार्थियों, वितरकों और उद्योग जगत के हितधारकों को उनके अनुभव और विचार साझा करने के लिए एक मंच प्रदान करना था।
सभा को संबोधित करते हुए श्री एच.डी. कुमारस्वामी ने टिकाऊ और आत्मनिर्भर इलेक्ट्रिक मोबिलिटी की दिशा में भारत की परिवर्तनकारी यात्रा पर प्रकाश डाला। उन्होंने विकसित भारत@2047 के दृष्टिकोण को प्राप्त करने और आत्मनिर्भर भारत के निर्माण के लिए सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई। केंद्रीय मंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व और दृष्टिकोण की सराहना करते हुए कहा कि भारत एक स्वच्छ, हरित और आत्मनिर्भर परिवहन इकोसिस्टम की ओर अग्रसर है।
सरकार के दृष्टिकोण को साझा करते हुए मंत्री ने पीएम ई-ड्राइव योजना का उल्लेख किया, जो ईवी अपनाने और चार्जिंग बुनियादी ढांचे को समर्थन देती है। इसके साथ ही उन्होंने पीएलआई-ऑटो और पीएलआई-एसीसी योजनाओं की चर्चा की, जो उन्नत ऑटोमोटिव प्रौद्योगिकियों और बैटरी सेल के घरेलू विनिर्माण को मजबूत कर रही हैं। श्री कुमारस्वामी ने समावेशी, किफायती और आर्थिक रूप से टिकाऊ बदलाव के लिए मजबूत विनिर्माण, नवाचार और वैश्विक प्रतिस्पर्धात्मकता की आवश्यकता पर जोर दिया।
कार्यक्रम के दौरान भारी उद्योग मंत्रालय के सचिव श्री कामरान रिजवी ने कहा कि इलेक्ट्रिक मोबिलिटी भारत के लिए वैश्विक क्षेत्र में एक प्रमुख देश बनने का बड़ा अवसर है। उन्होंने फेम-1, फेम-2, पीएलआई ऑटो, पीएलआई-एसीसी, पीएम ई-ड्राइव, पीएम-ईबस सेवा (पीएसएम) और रेयर अर्थ परमानेंट मैग्नेट योजना जैसी प्रमुख पहलों पर प्रकाश डाला। वहीं, अपर सचिव डॉ. हनीफ कुरैशी ने बताया कि स्थानीयकरण एक मजबूत ऑटोमोटिव इकोसिस्टम के निर्माण के लिए महत्वपूर्ण है।
इस बातचीत में फेडरेशन ऑफ ऑटोमोबाइल डीलर्स एसोसिएशन (एफएडीए) के अध्यक्ष श्री साई गिरिधर, सोसाइटी ऑफ इंडियन ऑटोमोबाइल मैन्युफैक्चरर्स (सियाम) के चेयरमैन-ईएमजी श्री सुशांत नाइक और ऑटोमोटिव कंपोनेंट मैन्युफैक्चरर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया (एसीएमए) की नामित अध्यक्ष श्रीमती अंजलि सिंह सहित उद्योग जगत के प्रतिनिधि शामिल हुए।
ईवी लाभार्थियों ने भी अपने जमीनी अनुभव साझा किए। ई-3डब्ल्यू चालक सुश्री सुनीता चौधरी ने बताया कि कैसे इलेक्ट्रिक तिपहिया वाहन के उपयोग से परिचालन लागत में कमी आई है और ड्राइविंग के दौरान थकान कम होती है। लाभार्थियों ने व्यक्तिगत आवाजाही, आजीविका और माल ढुलाई में इलेक्ट्रिक मोबिलिटी के लाभ बताए और सरकार की अनुकूल नीतियों पर भरोसा जताया।



